आईडीएमएस सॉफ्टवेयर की मदद से प्रशासनिक कार्य में बढ़ेगी पारदर्शिता एवं जन समस्याओं का हो सकेगा समय रहते निस्तारण।
प्रत्येक शुक्रवार को होगी कलेक्ट्रेट अनुभागों की लंबित प्रकरणों के संबंध में समीक्षा बैठक
धौलपुर, । जिला कलक्टर राकेश कुमार जायसवाल ने कलेक्ट्रेट के विभिन्न अनुभागों की समीक्षा के दौरान पाया कि ऐसे बहुत से पत्रा हैं जिनका समय से निस्तारण नहीं किया गया था जिससे आम जन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसको जिला कलक्टर द्वारा पूर्ण गंभीरता से लेते हुये जिला सूचना-विज्ञान अधिकारी मनीष वर्मा को आदेशित किया कि जल्द ही डाक निस्तारण के लिए कम्प्यूटराईज्ड सिस्टम लागू करें जिससे डाक निस्तारण के संबंध में प्रभावी मॉनिटरिंग की जा सके। डाक निस्तारण के संबंध में कम्प्यूटराईज्ड सिस्टम लागू करने के लिए मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के समस्त प्रभारी अधिकारी एवं शाखा प्रभारियों को जिला कलक्टर कीे अध्यक्षता में प्रशिक्षण दिया गया। उन्होने प्रशिक्षण के दौरान समस्त प्रभारी अधिकारी एवं शाखा प्रभारियों को आदेशित करते हुए कहा कि कलेक्ट्रेट कार्यालय में आने वाली सभी डाकों को आईडीएमएस सॉफ्टवेयर पर इन्द्राज किया जाना सुनिश्चित करें। इस संदर्भ में प्रत्येक शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में लंबित प्रकरणों की समीक्षा बैठक का आयोजन किया जायेगा।
उन्होने बताया कि फाईलिंग सिस्टम के परंपरागत सिस्टम में बहुत से पत्रों का समय से निस्तारण नहीं हो पाता था परंतु अब आईडीएमएस सॉफ्टवेयर के माध्यम से डाकों के निस्तारण के संबंध में प्रभावी मॉनिटरिंग किया जाना संभव हो पायेगा। उक्त सॉफ्टवेयर से लंबित प्रकरणों की समयबद्ध रिपोर्ट जनरेट होंगी जिससे संबंधित प्रभारी अधिकारी अथवा शाखा प्रभारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय हो पायेगी। इससे ना सिर्फ प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता आएगी बल्कि जन समस्याओं का निस्तारण संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध तरीके से होगा। उनके द्वारा डीओ लैटर का ऑप्शन बढाये जाने एवं किसी भी डॉक्यूमेंट को सर्च करने के संबंध में भी अपने सुझाव दिये गये।
आईडीएमएस सॉफ्टवेयर की मदद से प्रशासनिक कार्य में बढ़ेगी पारदर्शिता एवं जन समस्याओं